के.के. मेमोरियल पब्लिक स्कूल, राजगढ़ में विद्यार्थियों को साइबर अपराध एवं सुरक्षा कानून की दी जानकारी। राजगढ़। के.के. मेमोरियल प...
के.के. मेमोरियल पब्लिक स्कूल, राजगढ़ में विद्यार्थियों को साइबर अपराध एवं सुरक्षा कानून की दी जानकारी।
राजगढ़। के.के. मेमोरियल पब्लिक स्कूल, राजगढ़ में विद्यार्थियों के बीच साइबर जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “साइबर अपराध एवं सुरक्षा कानून” पुस्तक के संबंध में जानकारी एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों, उनसे बचाव के उपायों तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
इस अवसर पर संस्था के प्रभारी तेजेंद्र उपाध्याय एवं साइबर सुरक्षा सलाहकार शकील अंजुम उपस्थित रहे। साइबर सुरक्षा सलाहकार शकील अंजुम द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए बताया गया कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
विद्यार्थियों को इन प्रमुख साइबर सुरक्षा विषयों से कराया गया अवगत
- फिशिंग एवं फर्जी लिंक से होने वाली धोखाधड़ी से बचाव।
- OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह।
- सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, पहचान की चोरी और ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने के उपाय।
- साइबर बुलिंग एवं सोशल मीडिया पर होने वाले उत्पीड़न की पहचान और शिकायत के तरीके।
- अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए फोटो, वीडियो, APK फाइल अथवा संदिग्ध लिंक को डाउनलोड/ओपन न करने की सलाह।
- सोशल मीडिया अकाउंट में Two-Factor Authentication (2FA) सक्रिय करने का महत्व।
- मजबूत एवं अलग-अलग पासवर्ड रखने तथा समय-समय पर सुरक्षा सेटिंग्स की समीक्षा करने की जानकारी।
- ऑनलाइन गेमिंग, क्विज, लॉटरी एवं फर्जी पुरस्कार/इनाम के नाम पर होने वाली ठगी से सावधानी।
- सार्वजनिक Wi-Fi एवं अनजान डिवाइस पर संवेदनशील जानकारी का उपयोग करने में सावधानी।
- किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल अपने अभिभावकों/शिक्षकों को जानकारी देने और उचित माध्यम से शिकायत करने की सलाह।
- डिजिटल फुटप्रिंट, ऑनलाइन प्राइवेसी और इंटरनेट पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के संभावित जोखिमों के बारे में जानकारी।
शकील अंजुम ने विद्यार्थियों को समझाया कि “सोचें, जांचें और फिर क्लिक करें” की आदत अपनाकर अधिकांश ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए जागरूक करें।
कार्यक्रम के दौरान “साइबर अपराध एवं सुरक्षा कानून” पुस्तक के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर अपराधों एवं उनसे संबंधित कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में समझने के महत्व से भी अवगत कराया गया।
संस्था के प्रभारी तेजेंद्र उपाध्याय ने साइबर जागरूकता को वर्तमान डिजिटल युग की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।
संदेश:
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग समझदारी एवं जिम्मेदारी के साथ करें।”
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